Home जीव विज्ञान जीव विज्ञान क्या है? (हिंदी में जानिए )। Biology in Hindi

जीव विज्ञान क्या है? (हिंदी में जानिए )। Biology in Hindi

जीव विज्ञान क्या है? What is Biology in Hindi

Contents

हेलो दोस्तों, हमारे इस Blog में आपका स्वागत है, हमारे इस ब्लॉग में आज हम आपको जीव विज्ञान क्या है? । Biology in hindi इसके बारे में बताएंगे और इसके साथ-साथ जीवन क्या है, (Jivan kya hai) तथा जीवधारी निर्जीव वस्तुओं से कैसे भिन्न है, और आधुनिक जीव विज्ञान क्या है तथा प्रकृति का संतुलन पर क्या प्रभाव पड़ता है। इसके बारे में भी बताएंगे की इनको कितने भागो में बांटा है तो चलिए दोस्तों सुरु करते है।

जीव विज्ञान। Biology In Hindi

 

जीव विज्ञान। Biology In Hindi
जीव विज्ञान। Biology In Hindi

जीव विज्ञान क्या है?। Biology In Hindi

जीवों के अध्ययन को सन् 1802 मैं पहले फ्रांसीसी वैज्ञानिक लैमार्क ने तथा बाद में जर्मन विज्ञानिक ट्रेविरैनस ने जीव विज्ञान (Life science or biology) का नाम दिया। आज हमें पृथ्वी पर उपस्थित जीवों की लगभग 17 से 18 लाख जातियां ज्ञात है, इनमें हम जंतुओं और पादपों का स्पष्ट भेद कर सकते हैं। इसलिए जीव विज्ञान को दो भागों में बांटा गया है। पादप और वनस्पति विज्ञान अर्थात बांटनी और जंतु विज्ञान।

विज्ञान की वह शाखा जिसके अंतर्गत समस्त जीवधारियों का अध्ययन किया जाता है।

BIO + LOGOS → LIVING TO STUDY अर्थात सजीव/जीवन  का अध्ययन

BIOLOGY – BIO का अर्थ है – जीवन और LOGOS का अर्थ है – अध्ययन । अर्थात जीवन का अध्ययन

सजीव/जीवन की यह क्रियाएँ करते है।

  • 1. श्वसन [RESPIRATION]
  • 2. पोषण [NUTRITION]
  • 3. पाचन [DIGESTION]
  • 4. वृद्धि [GROWTH]
  • 5. प्रजनन [REPRODUCTION]
  • 6. उत्सर्जन [EMISSION]

 

जीव विज्ञान की शाखाएँ । Branches of Biology In Hindi

1. वनस्पति विज्ञान – इसमें पेड़ – पोधो का अध्ययन किया जाता है

2. जन्तु विज्ञान  – इसमें जीव – जन्तुओ का अध्ययन किया जाता है

3सूक्ष्मजीव विज्ञान – इसमें सूक्ष्मजीव का अध्ययन किया जाता है

  • जीव विज्ञान शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम लैमार्क एवं ट्रेविरेनस नामक वैज्ञानिक ने 1801 ई. में किया था
  • अरस्तू को जीव विज्ञान का जनक कहा जाता है
  • अरस्तू को ही जन्तु विज्ञान का जनक कहा जाता है।
  • थियोफ्रेस्टस को वनस्पति विज्ञान का जनक कहा जाता है।
  • अ.वी.ल्यूवेन्हॉक को सूक्ष्मजीव विज्ञान का जनक कहा जाता है।

जीव विज्ञान का वर्गीकरण। Classification Of Biology In Hindi

आर एच हट्टेकर ने 1969 ई. में समस्त जीवो को 5 जगतो में वर्गीकृत किया गया।

1. मोनेरा । Monera In Hindi

इस जगत में सभी प्रोकैरियोटिक जीव अर्थात जीवाणु,साइनोबैक्टीरिया, तथा आर्किबैक्टेरिया सम्मिलित किये गए है। तन्तुमय जीवाणु भी इसी जगत के भाग है।

 

मोनेरा । Monera In Hindi
मोनेरा । Monera In Hindi

2. प्रॉटिस्टा । Protista in Hindi

इस जगत में एककोशकीय, प्रायः जलीय यूकैरियोटिक जीव सम्मिलित किय गए है।

 

प्रॉटिस्टा । Protista in Hindi
प्रॉटिस्टा । Protista in Hindi
 

3. पादप Plantae In Hindi

इस जगत में प्रायः रंगीन, बहुकोशकीय, प्रकाश संश्लेषी उत्पादक जीव सम्मिलित है शैलवा,मॉस,पुष्पीय तथा अपुष्पीय बीजीय पौधे इसी जगत में है

पादप । Plantae In Hindi
पादप । Plantae In Hindi

4. कवक । Fungi In Hindi

इस जगत में वे यूकैरियोटिक तथा परपोषित जीवधारी सम्मिलित किय गए है, जिनमें अवशोषण द्वारा पोषण होता है ये सभी परजीवी अथवा मृतोपजीवी होते है

कवक । Fungi In Hindi
कवक । Fungi In Hindi

5. एनिमेलिया Animalia In Hindi

इस जगत में सभी बहुकोशकीय, यूकैरियोटिक, उपभोक्ता जीव सम्मिलित है

एनिमेलिया । Animalia In Hindi
एनिमेलिया । Animalia In Hindi

जीवन क्या है? What is Life in Hindi

हम लोग जीव धारियों तथा समस्त निर्जीव वस्तुओं को देख तथा छू सकते हैं, परंतु जीव धारियों के जीवन को ना देख सकते हैं ना छू सकते हैं वास्तव में जीवन जीव धारियों के पदार्थ में उत्पन्न होने वाली एक विशेष प्रकार की ऊर्जा या सकती है, अतः इसके कोई सीधी परिभाषा नहीं दी जा सकती प्यार लालच सरलता सुशीलता अच्छाई बुराई आज की बात यह अमूर्त या भाववाची है, हम केवल इतना कह सकते हैं कि संगठित पदार्थ सजीव पदार्थ या भूत द्रव्य की जैव दशा ही जीवन है।

जीवधारी निर्जीव वस्तुओं से कैसे भिन्न है?

यद्यपि जीवधारी तथा सभी निर्जीव वस्तुएं पदार्थ की बनी होती हैं और हम जीवन को देख या छू नहीं सकते हैं फिर भी हम सुगमतापूर्वक जीव धारियों की निर्जीव वस्तुओं से पृथक पहचान कर लेते हैं। इसका कारण यह है कि जीव धारियों से पदार्थ का संगठन ऐसा होता है जिसमें की जैव ऊर्जा ( bioenergy ) बनती है। इसी ऊर्जा द्वारा जीवधारी कई प्रकार की जैव क्रियाएं (vital activities) करते हैं।

आकृति एवं माप

जीवों में अपनी-अपनी जाति के अनुसार विभिन्न प्रकार की परंतु निश्चित आकृति एवं माप होते हैं। इसलिए हम इन्हें अलग-अलग पहचान लेते हैं।

गमन एवं जाति

जीवो में उपापचय के अंतर्गत स्वयं अपने शरीर की कोशिकाओं में पोषक पदार्थों के दहन या जारण से उत्पन्न ऊर्जा द्वारा सुरक्षा भोजन की खोज आदि के लिए अपने इच्छानुसार स्वतंत्र विचरण का गुण होता है। रेल का इंजन निर्जीव होते हुए भी चलता है परंतु स्वयं अपनी शाक्ति और इच्छा से नहीं कोयले और जल से बनी वाष्प की ऊर्जा डीजल की ऊर्जा या विद्युत ऊर्जा द्वारा चालक के अनुसार पूरे शरीर द्वारा स्थान परिवर्तन का गमन (Locomotion) तथा शरीर के अंग के हिलने डुलने की क्रिया को गति (movement) कहते हैं।

आधुनिक जीव विज्ञान Modern Biology in Hindi

वर्तमान युग में वैज्ञानिकों ने अनेक नए- नए यंत्रों के उपकरणों का आविष्कार तथा अन्वेषण (researchers ) की अनेक नवीन विधियों (techniques) का विकास करके जीवों के संबंध में हमारे ज्ञान में अभूतपूर्व वृद्धि की है। इस नए ज्ञान की भूमिका में आधुनिक जीव विज्ञान में कुछ व्यापक एकीकरण (general unifying) सिद्धांतों को बहुत मानता दी जाती है ऐसे प्रमुख सिद्धांत निम्नवत हैं।

1. संघठन का सिद्धांत

इसके अनुसार जीवन से संबंधित सारी प्रक्रियाएं रासायनिक एवं भौतिक सिद्धांतों पर आधारित है दूसरे शब्दों में जैव क्रियाएं जीव पदार्थ के घटकों पर नहीं इसके भौतिक और रासायनिक संगठन पर निर्भर करती है यदि हमें इस संगठन का पूरा ज्ञान हो जाए तो हम परखनली में जीव की उत्पत्ति कर सकते हैं ।

2. एंजाइम मत

प्रत्येक जीव कोशिका में प्रतिपल हजारों रासायनिक अभिक्रियाएं होती रहती हैं इन्हें सामूहिक रूप से कोशिका का उपापचय कहते हैं प्रत्येक अभिक्रिया एक विशेष कार्बनिक उत्प्रेरक की मध्यस्थता के कारण सक्रिय होकर पूरी होती है ।

प्रकृति का जैव संतुलन

गत सदी के एक जीव विज्ञान ने कहा इंगलिस्तान की समृद्धि यहां की बूढ़ी दाइयों के कारण है, उसने कहा स्वस्थ अंग्रेज ढोरो का मांस खाते हैं घास का परागण मक्खियां करती है, मक्खियों के बसेरों को खेत के चूहे नष्ट करते हैं, और खेत के चूहों की संख्या बिल्लियों की संख्या पर निर्भर करती है, जिन्हें बूढ़ी दाइयां या पालती है अर्थात बूढ़ी दाइयों की संख्या का प्रभाव मांस की उपलब्धित पर पड़ता है तथा अपने अपने क्षेत्र में सभी जीवों का अन्य जीवों के साथ एक निश्चित संबंध रहता है, अर्थात प्रत्येक जीव के जीवन पर अन्य जीवों का प्रभाव पड़ता है इसलिए प्रकृति को हम एक विशाल जैव समाज कह सकते हैं।

जन्तु विज्ञान (Zoology) में किसका अध्ययन किया जाता है?

जन्तु विज्ञान में प्राणियों या जंतुओं का अध्ययन होता है।

बायोलॉजिकल (Biological) का अर्थ क्या है?

जीव से संबंधित; जीवों का ।

बायोलॉजी (Biology) में कितने सब्जेक्ट होते हैं?

Ans. – Biology ग्रुप में फिजिक्स (Physics), केमेस्ट्री (Chemistry), बायोलॉजी (Biology), हिन्दी और अंग्रेजी सब्जेक्ट्स होते हैं।

मनुष्य कौन से वर्ग में आता है?

मनुष्य स्तनधारी प्राणी वर्ग में आता है।

Zoology और Botany में क्या अंतर है?

Zoology, Biology की वो शाखा है जिसमे हम जीव-जंतुओं के बारे मे अध्ययन करते है और Botony मे हम पेड़-पौधे के बारे मे अध्ययन करते है.।

बायोलॉजी (Biology) का अर्थ क्या है?

जीवविज्ञान प्राकृतिक विज्ञान की 3 शाखाओं में से एक है। यह विज्ञान जीव, जीवन और जीवन के प्रक्रियाओं के अध्ययन से सम्बन्धित है। इस विज्ञान में हम जीवों की संरचना, कार्यों, विकास, पहचान, वितरण एवं उनके वर्गीकरण के बारे में अध्ययन करते हैं।

जीव विज्ञान शब्द का प्रयोग किसने किया था?

Ans. – जीव विज्ञान शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम लैमार्क एवं ट्रेविरेनस नामक वैज्ञानिक ने किया था !

जीव विज्ञान का जनक किसे कहा जाता है?

अरस्तू को जीव विज्ञान का जनक कहा जाता है

वनस्पति विज्ञान का जनक कहा जाता है?

थियोफ्रेस्टस को वनस्पति विज्ञान का जनक कहा जाता है

सूक्ष्मजीव विज्ञान का जनक किसे कहा जाता है?

अ.वी.ल्यूवेन्हॉक को सूक्ष्मजीव विज्ञान का जनक कहा जाता है

यह भी पढ़े – पादप जगत किसे कहते है?

दोस्तों आज हमने आपको जीव विज्ञान क्या है?। Biology in Hindi के बारे मे बताया,आशा करता हूँ आपको यह आर्टिकल बहुत पसंद आया होगा और आपको इससे बहुत कुछ सिखने को भी मिला होगा तो दोस्तों मुझे अपनी राय कमेंट करके बताया ताकि मुझे और अच्छे अच्छे आर्टिकल लिखने का सौभग्य प्राप्त हो मुझे आपके कमेंट का इंतजार रहेगा धन्यवाद्

5 COMMENTS

  1. Nice aap bahut achcha padha te hain hum aap se padhan chahege nice 🙂🙂🙂🙂🙂🙂🙂🙂🙂🙂🙂🙂🙂🙂🙂🙂🙂

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here