भारत का प्राचीन इतिहास (Ancient history of india)

भारत का प्राचीन इतिहास । Ancient History in Hindi

हेलो दोस्तों, हमारे इस ब्लॉग में आपका स्वागत है, हमारे इस ब्लॉग में आज हम आपको भारत के प्राचीन इतिहास । Ancient History in Hindi के बारे जानेंगे और इसके साथ साथ प्रागैतिहासिक काल, आद्य ऐतिहासिक काल, ऐतिहासिक काल, पाषाणकाल, सिंधु घाटी सभ्यता, वैदिक सभ्यता, वेद और वेद के प्रकार आदि के बारे में जानेंगे, तो चलिए दोस्तों इन सबके बारे में जानते है

भारत का प्राचीन इतिहास । Ancient History in Hindi

भारत का प्राचीन इतिहास । Ancient History in Hindi
भारत का प्राचीन इतिहास । Ancient History in Hindi

इतिहास को मुख्य्तः 3 भागो में बांटा है।

  1. प्रागैतिहासिक काल । Prehistoric Period
  2. आद्य ऐतिहासिक काल । Proto Historic Period
  3. ऐतिहासिक काल । Historical period

1. प्रागैतिहासिक काल । Prehistoric Period in Hindi

प्रागैतिहासिक काल से तात्पर्य – इतिहास का वह भाग, जिसके अध्ययन हेतु पुरातात्विक सामग्रियां ही उपलब्ध है।

2. आद्य ऐतिहासिक काल । Proto Historic Period in Hindi

आद्य ऐतिहासिक काल से तात्पर्य – इतिहास का वह भाग, जिसकी अध्यन हेतु पुरातात्विक तथा साहित्य दोनों प्रकार की सामग्रियाँ उपलब्ध है। साहित्य साक्छ्यो को पड़ा नहीं जा सकता है।

पाषाणकाल । Stone Age in Hindi

भारत का प्राचीन इतिहास । Ancient History in Hindi
पाषाणकाल । Stone Age in Hindi

पाषाणकाल को 3 भागो में बांटा है।

  1. पुरापाषाण काल । Palaeolithic Age
  2. मद्य पाषाण काल । Mesolithic Age
  3. नव पाषाण काल। Neolithic Age

1. पुरा पाषाण काल । Palaeolithic Age in Hindi

इस काल में मनुष्य ने आग का आविष्कार किया था। और इसने पत्थरो से अनेक औजार बनाये। पुरापाषाणकाल में मनुष्य शिकारी हुआ करता था।

2. मद्य पाषाण काल । Mesolithic Age in Hindi

मध्य पाषाण काल मैं हथियारों का आकार बहुत छोटा हुआ करता था, जो कि माइक्रोलीटस कहलाये, इसी काल में मनुष्य ने पशुपालन की शुरुआत की, इस काल में मानव कंकाल के अवशेष भी मिले

3. नव पाषाण काल । Neolithic Age in Hindi

नवपाषाण काल में मनुष्य ने कृषि की शुरुआत की, चावल की खेती के भी कुछ अवशेष मिले, जम्मू कश्मीर के बुर्जहोम नामक स्थान से मानव कंकाल के साथ कुत्ते की हड्डियों के साक्ष्य भी मिले और बुर्जहोम से ही कुछ मिट्टी के बर्तन भी प्राप्त हुए , पहिए का आविष्कार भी नवपाषाण काल में हुआ, मनुष्य में स्थाई निवास की प्रवृत्ति नवपाषाण काल से ही प्रारंभ हुई तथा उसने सबसे पहले कुत्ते को अपना पालतू जानवर बनाया, कृषि का आविष्कार भी नवपाषाण काल में ही हुआ, कृषि का प्रथम उदाहरण मेहरगढ़ से प्राप्त हुआ।

आद्य ऐतिहासिक काल । Proto Historic Period in Hindi

आद्य ऐतिहासिक काल से तात्पर्य – इतिहास का वह भाग, जिसकी अध्यन हेतु पुरातात्विक तथा साहित्य दोनों प्रकार की सामग्रियाँ उपलब्ध है। साहित्य साक्छ्यो को पड़ा नहीं जा सकता है।

1. सिंधु घाटी सभ्यता । Indus Valley Civilization

भारत का प्राचीन इतिहास । Ancient History in Hindi
सिंधु घाटी सभ्यता । Indus Valley Civilization

सिन्धु सभ्यता की खोज 1921 ई.रायबहादुर दयाराम शाहनी ने की। लोथल एवं सुतकोतदा सिन्धु सभ्यता का बन्दरगाह था। सिन्धु सभ्यता की लिपि भावचित्रात्मक है। सेंधव वासी मिठास के लिए शहद का प्रयोग करते थे। सिन्धु संभ्यता में गेहूँ और जो मुख्य फसल थी। इस सभ्यता के सर्वाधिक स्थल गुजरात में है।

2. हड़प्पा । Harappan Civilization

भारत का प्राचीन इतिहास । Ancient History in Hindi
हड़प्पा । Harappan Civilization

हड़प्पा सभ्यता से मिलने वाली सबसे बड़ी इमारत 12 कक्षाओं का अन्ना गार था। हड़प्पा सभ्यता की प्रमुख फसल गेहूँ और जौ थी। इसमें एक कब्रिस्तान भी मिला है। शवों को केवल दफनाने की प्रथा हड़प्पा सभ्यता में ही प्रचलित थी। इसमें उर्वरता की देवी की मूर्ति मिली थी। इसमें शंख का बना हुआ एक बेल भी मिला था।

3. मोहनजोदड़ो । Mohenjodaro

भारत का प्राचीन इतिहास । Ancient History in Hindi
मोहनजोदड़ो । Mohenjodaro

भारत का सबसे प्राचीन नगर मोहनजोदड़ो था, सिंधी भाषा में जिसका अर्थ है – मृतकों का टीला। मोहनजोदड़ो सिन्धु घाटी का सबसे बड़ा स्थल था। मोहनजोदड़ो से प्राप्त स्नानागार सैंधव सभ्यता की सबसे बड़ी इमारत थी। मोहनजोदडो से नर्तकी की एक कांस्य मूर्ति मिली थी।

इस सभ्यता से मिलने वाली सबसे बड़ी इमारत एक विशाल अन्नागार था, लेकिन सबसे प्रसिद्ध इमारत एक विशाल स्नानागार भी था, इसमें ही नटराज की मूर्ति भी मिली और भारत का सबसे पुराना नृत्य कला शिव तांडव था, पशुपति की मूर्ति (शिव की मूर्ति) भी मिली, इसमें नृत्य करती हुयी बालिका की मूर्ति कांसे से बनी हुई मिली थी, प्रत्येक मकान में एक कुए का साक्छ्य भी प्राप्त हुआ, इसमें महाविद्यालय भवन का साक्षी भी प्राप्त हुआ।

4. चंदहुदड़ो । Chanhudaro in hindi

इस सभ्यता से हमें गोल ईंटे मिली है और इसमें बेलना कार मोहरे भी प्राप्त हुई है बिल्ली का पीछा करते हुए कुत्ते का चित्र भी देखा गया है चूड़ियों और लिपस्टिक एक साक्छ्य भी प्राप्त हुए हैं और एक हाथी का दांत भी मिला है मनके बनाने के कारखाने लोथल एवं चन्हूदड़ो से मिले है।

5. लोथल

भारत का प्राचीन इतिहास । Ancient History in Hindi
लोथल

लोथल से फारस की मुद्रा भी मिली है इस सभ्यता में घोड़े की हस्तियां भी प्राप्त हुई है चावल के दानों के साक्छ्य भी प्राप्त हुए हैं और एक मम्मी का साक्छ्य भी मिला है अग्निकुंड लोथल एवं कालीबंगन से प्राप्त हुए थे।

सिंधु घाटी सभ्यता की दो प्रशासनिक राजधानी जिन्हे जुड़वा राजधानियां कहां गया था – हड़प्पा और मोहनजोदड़ो थी।

वैदिक सभ्यता । Vedic Civilization in Hindi

आर्य सर्वप्रथम पंजाब एवं अफगानिस्तान में बसे थे। मैक्समूलर ने आर्यों का मूल निवास-स्थान मध्य एशिया को माना है। आर्यों द्वारा निर्मित सभ्यता वैदिक सभ्यता कहलाई। यह एक ग्रामीण सभ्यता थी। आर्यों की भाषा संस्कृत थी। सभा एवं समिति राजा को सलाह देने वाली संस्था थी। आर्यों का मुख्य व्यवसाय पशुपालन एवं कृषि था। बाल-विवाह एवं पर्दा-प्रथा का प्रचलन नहीं था। आर्यों का प्रिय पशु घोड़ा एवं सर्वाधिक प्रिय देवता इन्द्र थे। महृषि कणाद को भारतीय परमाणुवाद का जनक कहा गया है। आर्यों द्वारा खोजी गयी धातु लोहा थी, जिसे श्याम अयस कहा जाता है। ताँबे को लोहित अयस कहा जाता था।

वेद । Vedas in Hindi

भारत का प्राचीन इतिहास । Ancient History in Hindi
वेद । Vedas in Hindi

यह प्राचीन भारत का पवित्र साहित्य हैं जो हिन्दुओं का प्राचीनतम और आधारभूत धर्मग्रन्थ भी हैं। वेद, विश्व के सबसे प्राचीन साहित्य भी हैं। भारतीय संस्कृति में वेद सनातन वर्णाश्रम धर्म के, मूल और सबसे प्राचीन ग्रन्थ हैं।

भारत का सर्वप्राचीन धर्मग्रंथ वेद है। जिसके संकलनकर्ता महर्षि वेदव्यास है। इन चारो वेदो को सहिंता कहा जाता है।

वेद के प्रकार । Types of Vedas in Hindi

  1. ऋग्वेद
  2. सामवेद
  3. यजुर्वेद
  4. अथर्ववेद 

1. ऋग्वेद

ऋचाओं के क्रम बद्ध ज्ञान के संग्रह को ऋग्वेद कहलाता है। इसमें 10 मंडल,1028 सूक्त और 10,462 ऋचाय है। इस वेद को पड़ने वाले ऋषि को होत्र कहते है। विश्वामित्र जी द्वारा रचित ऋग्वेद के तीसरे मंडल में सूर्य देवता सावित्री को समर्पित गायत्री मंत्र है तथा इसके 9वे मंडल में देवता सोम का उल्लेख वर्णित है। ऋग्वेद के 8वे मंडल की हस्तलिखित ऋचाओं को खिल कहा जाता है।

2. यजुर्वेद

मंत्रो और बलि के समय अनुपालन के लिए नियमो का संकलन यजुर्वेद कहलाता है। इसके पाठकर्ता को अद्र्व्यू कहते है। यजुर्वेद में यज्ञो के नियमो और विधि विधानों का संकलन मिलता है। इसमें बलिदान विधि का वर्णन है। यजुर्वेद एक ऐसा वेद है जो गद्य एवं पद्य दोनों में है।

3. सामवेद

इसे भारतीय संगीत का जनक कहा जाता है।

4. अथर्ववेद

अथर्ववेद कन्याओ के जन्म की निंदा करता है तथा इसमें सामान्य मनुष्यो के विकारो तथा अंधविश्वासो का विवरण मिलता है। अथर्ववेद में जादू टोने का भी विवरण है। इस वेद में सभा एवं समिति को प्रजापति की दो पुत्रियां कहा गया है।

भारत के प्राचीन इतिहास (Ancient History in Hindi) से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
1. स्त्री की सर्वाधिक गिरी हुई स्तिथि या दसा मैत्रेयनि सहिंता से प्राप्त होती हैं, जिसमे जुआ और शराब की तरह स्त्री को पुरुष का तीसरा मुख्य दोष बताया है
2. सतपथ ब्राह्मण में स्त्री को पुरुष की अर्धागिनी भी कहा गया था
3. जाबालोपनिषद मै चारो आश्रमों का उल्लेख मिलता है
4. स्मृतिग्रंथो मै सबसे प्राचीन एवं प्रामाणिक मनुस्मृति मानी जाती है यह शुंग काल का ,मानक ग्रंथ है
5. हीनयान का प्रमुख ग्रंथ कथावस्तु है जिसमे महात्मा बुद्ध के जीवन चरित्र का वर्णन है
6. अर्थशास्त्र के लेखक चाणक्य (कौटिल्य या विष्णुगुप्त) है
7. कल्हण द्वारा रचित पुस्तक राजतरंगिणी (आठ तरंग) है, जिसका संबंध कश्मीर के इतिहास से है
8. अरबों की सिंध विजय का वृतांत चचनामा (लेख़क – अली अहमद) मै सुरक्छित है
9. अष्टाध्ययी के लेखक पाणिनि है

भारत के प्राचीन इतिहास (Ancient History in Hindi) से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
1. मानव द्वारा बनाया जाने वाला प्रथम औजार कुल्हाड़ी था
2. मनुष्य ने सर्वप्रथम तांबा धातु का प्रयोग किया
3. रॉबर्ट ब्रुस फुट पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने 1863 ई. में भारत में पुरापाषाणकालीन औजारों की खोज की
4. भारत में मनुष्य संबधी सबसे पहला प्रमाण नर्मदा घाटी से मिलता है

भारत के प्राचीन इतिहास (Ancient History in Hindi) से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
1. भारत में इसका सबसे बड़ा स्थल राखीगढ़ी था
2. जूते हुए खेत और नक्काशीदार ईटों के प्रयोग का विवरण कालीबंगन से प्राप्त हुआ था
3. अग्निकुंड लोथल एवं कालीबंगन से प्राप्त हुए थे
4. मनके बनाने के कारखाने लोथल एवं चन्हूदड़ो से मिले है
5. मिट्ठी से बने हल का विवरण वनमाली है
6. सुरकोतदा, कालीबंगन एवं लोथल से सैंधवकालीन घोड़े के अस्थिपंजर मिले है
7. तोल की इकाई संभवतः 16 के अनुपात में थी
8. पर्दा-प्रथा एवं वेश्यावृति सैन्धव सभ्यता में प्रचलित थी

भारत के प्राचीन इतिहास (Ancient History in Hindi) से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य
1. मानव द्वारा सर्वप्रथम उपभोग अनाज – जौ , गेहूँ , चावल , मक्का [ क्रमानुसार ]
2. भारत में मानव स्त्रोत सर्वप्रथम – नर्मदा घाटी
3. भारतीय उपमहाद्वीप में सर्वप्रथम कृषि – मेहरगढ़ [बलूचिस्तान]
4. सर्वप्रथम धातु के औजारों के रूप में ताँबे का प्रयोग – ताम्रपाषाण काल
5. राख के टीले प्राप्त हुए – कर्नाटक [ मैसूर ]
6. पशुपालन सर्वप्रथम प्राप्त हुए – आदमगढ़ [होशंगाबाद ] म. प्र.
7. खाद्यानो का उत्पादन सर्वप्रथम – नवपाषण काल
8. मानव कंकाल व कुत्ते के कंकाल – बुर्जहोम
9. आग का आविष्कार – पुरापाषाण युग
10. सबसे प्राचीन वेद – ऋग्वेद
11. सर्वप्रथम सिक्को पर लेख लिखे – यवन शासको द्वारा
12. सबसे प्राचीन पुराण – मत्स्य पुराण
13. सर्वप्रथम सिक्को पर लेख लिखे  –  यवन शासको द्वारा
14. सबसे बाद का वेद – अथर्ववेद
15. रोमन सिक्के प्राप्त हुए – अरिकमेडु [ पुड्डुचेरी ]
16. भारतवर्ष के लिए इण्डिया शब्द प्रयोग – यूनानियों द्वारा
17. इनका मुख्य व्यवसाय था – पशुपालन व कृषि
18. आर्यो ने सबसे पहली धातु की खोज की – लोहा
19. दसराज्ञ युद्ध का वर्णन – ऋग्वेद के ७ वे मंडल में गायत्री मंत्र की रचना की गयी है
20. आर्य का अर्थ  होता है – श्रेष्ठ या कुलीन
21. गायत्री मंत्र का वर्णन – ऋग्वेद के ३ वे मंडल में
22. उपनिषदों में वर्णन – मोक्छ प्राप्ति का 
23. ऋग्वेद में युद्ध देवता – इंद्रदेवता
24. असतो मा सदगमय का वर्णन –  ऋग्वेद 
25. ऋग्वेद में सर्वाधिक मंत्र संख्या है – अग्निदेव
26. सर्वाधिक लोकप्रिय देवता – इन्द्रदेव
27. ऋग्वेद में वरुण – समुन्द्र देवता
28. सत्यमेव जयते लिया गया – मुण्डकोपनिषद 
29. भारतीय पुरातत्वशास्त्र का पितामह सर अलेक्जेंडर कनिंघम को कहा जाता है
30. सर्वप्रथम भारतवर्ष का जिक्र हाथीगुम्फा अभिलेख है
31. सतीप्रथा का पहला लिखित विवरण एरण अभिलेख से प्राप्त होती है
32. रेशम बुनकर की श्रेणियों की जानकारी मंदसौर अभिलेख से प्राप्त होती है
33. प्राचीनतम सिक्को को आहत सिक्के कहा जाता है और इसी को साहित्य में कषार्पण कहा गया है
34. अभिलेखों का अध्ययन इपिग्राफी कहलाता है
35. उत्तर भारत के मंदिरो की कला की शैली नागर शैली एवं दक्षिण भारत के मंदिरो की कला द्राविड़ शैली कहलाती है
36. पंचायतन शब्द मंदिर रचना शैली से संबधित है

दोस्तों आज हमने आपको भारत के प्राचीन इतिहास । Ancient History in Hindi के बारे बताया और इसके साथ साथ प्रागैतिहासिक काल, आद्य ऐतिहासिक काल, ऐतिहासिक काल, पाषाणकाल, सिंधु घाटी सभ्यता, वैदिक सभ्यता, वेद और वेद के प्रकार आदि के बारे मे बताया, आशा करता हूँ आपको यह आर्टिकल बहुत पसंद आया होगा, तो दोस्तों मुझे अपनी राय कमेंट करके बताये ताकि मुझे और अच्छे अच्छे आर्टिकल लिखने का अवसर प्राप्त हो, धन्यवाद्

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