भारतीय संविधान के स्रोत (Bhartiya Samvidhan Ke Strot)

हेलो दोस्तों, हमारे इस ब्लॉग में आपका स्वागत है, हमारे इस ब्लॉग में आपको भारतीय संविधान के स्रोत (Bhartiya Samvidhan Ke Strot) और भारतीय संविधान की अनुसूची (Bhartiya Samvidhan Ki Anusuchi) के बारे में बताएंगे !

भारतीय संविधान के विभिन्न विदेशी स्रोत (Bhartiya Samvidhan Ke Strot)

 

Bhartiya Samvidhan Ke Strot
Bhartiya Samvidhan Ke Strot

 

भारतीय संविधान के स्रोत (Bhartiya Samvidhan Ke Strot)

संविधान का मुख्य स्रोत भारत शासन अधिनियम1935 को माना जाता है, जिसकी लगभग 200 धारको को भारतीय संविधान के कुछ संशोधनों के साथ शामिल कर लिया गया है.

1. संयुक्त राज्य अमेरिका – मौलिक अधिकार (अनुच्छेद – 12-35), न्यायिक पुनरावलोकन (अनुच्छेद – 137) , संविधान की सर्वोच्चता, न्यायपालिका की स्वतंत्रता, निर्वाचित राष्ट्रपति का पद (अनुच्छेद – 52) एवं उस पर महाभियोग (अनुच्छेद – 61), उपराष्ट्रपति का पद (अनुच्छेद – 63), उच्चतम एवं उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को हटाने की विधि एवं वित्तीय आपात (अनुच्छेद – 307).

2. ब्रिटेन – संसदात्मक शासन प्रणाली , एकल नागरिकता एवं विधि निर्माण प्रक्रिया, कानून का शासन, संसदीय विशेषाधिकार.

3. आयरलैंड – नीति निदेशक तत्व (अनुच्छेद – 36-51), राष्ट्रपति के निर्वाचन मंडल व्यवस्था (अनुच्छेद – 54).

4. ऑस्ट्रेलिया – प्रस्तावना की भाषा, समवर्ती सूची का प्रावधान (अनुच्छेद – 246), केंद्र एवं राज्य के बीच संबंध तथा शक्तियों का विभाजन, संसदीय विशेषाधिकार.

5. जर्मनी – आपातकाल के दौरान राष्ट्रपति को मौलिक अधिकार संबंधी शक्तियां.

6. कनाडा – संघात्मक विशेषताएं, अवशिष्ट शक्तियां केंद्र के पास (अनुच्छेद – 248), राष्ट्रपति की नियुक्ति विशेषक प्रक्रिया संघ एवं राज्य के बीच शक्ति विभाजन.

7. दक्षिण अफ्रीका – संविधान संशोधन की प्रक्रिया का प्रावधान (अनुच्छेद – 368).

8. रूस – मौलिक कर्तव्यों का प्रावधान (अनुच्छेद – 51(क)).

9. जापान – विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया.

10. फ्रांसगणतंत्रात्मक शासन व्यवस्था.


भारतीय संविधान की अनुसूची, (Bhartiya Samvidhan Ki Anusuchi)


1. प्रथम अनुसूचीइसमें भारतीय संघ के राज्यों एवं संघ शासित क्षेत्रों का उल्लेख है.

2. द्वितीय अनुसूचीइसमें भारतीय राजयव्यवस्था के विभिन्न पदाधिकारियों को प्राप्त होने वाली वेतन, भत्ते और पेंशन आदि का उल्लेख किया गया है.

3. तृतीय सूची –  इसमें विभिन्न पदाधिकारियों द्वारा पद ग्रहण के समय ली जाने वाली शपथ का उल्लेख है.

4. चौथी अनुसूचीइसे विभिन्न राज्यों तथा संघीय क्षेत्रों की राज्यसभा में प्रतिनिधित्व का विवरण दिया गया है.

5. पांचवी अनुसूची –  इसमें विभिन्न अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजाति के प्रशासन और नियंत्रण के बारे में उल्लेख है.

6. छठी अनुसूची –  इसमें असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों के जनजाति क्षेत्रों के प्रशासन के बारे में प्रावधान दिए गए है.

7. सातवीं अनुसूची –  इसमें केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों के बंटवारे के बारे में दिया गया है तथा इसी अनुसूची में सरकारी द्वारा शुल्क एवं कर लगाने के अधिकार का उल्लेख है.

इसके अंतर्गत 3 अनुसूचियां है

1.संघ सूची

2.राज्यसूची

3.समवर्ती सूची

1. संघ सूची (Union list) – इस सूची में दिए गए विशेष पर केंद्र सरकार कानून बनाती है, संविधान के लागू होने के समय में 97 विषय थे, (वर्तमान में 100 विषय है), संघ सूची के कुछ महत्वपूर्ण विषय है – देश की रक्षा, विदेश मामले, युद्ध एवं शांति, रेल, डाक तथा तार, मुद्रा बैंकिंग, परमाणु शक्ति आदि .

2. राज्य सूची (State list) – इस सूची में दिए गए विषय पर राज्य सरकार कानून बनाती है, राष्ट्रीय हित से संबंधित होने पर केंद्र सरकार भी कानून बना सकती है, संविधान के लागू होने के समय इसके 66 विषय थे, (वर्तमान में 61 विषय है), राज्य सूची में शामिल कुछ विषय है – शांति और व्यवस्था, पुलिस, जेल, स्थानीय शासन, कृषि, जन स्वास्थ्य, राज्य के अंदर होने वाले व्यापर न्याय विभाग आदि.

3. समवर्ती सूची (Concurrent list) इसके अंतर्गत दिए गए विषय पर केंद्र एवं राज्य दोनों सरकारी कानून बना सकती है, परंतु कानून विषय समान होने पर केंद्र सरकार द्वारा बनाया गया कानून ही मान्य होता है, राज्य सरकार द्वारा बनाया गया कानून केंद्र सरकार के कानून बनाने के साथ ही समाप्त हो जाता है. संविधान के लागू होने के समय समवर्ती सूची में 47 विषय है, (वर्तमान में 52 विषय है), समवर्ती सूची के कुछ प्रमुख विषय है – दीवानी और फौजदारी, कानून एवं प्रक्रिया, विवाह तथा तलाक, शिक्षा, आर्थिक नियोजन, बिजली, समाचार पत्र, श्रमिक संघ, वन आदि !

8. आठवीं अनुसूची –  इसमें भारत की 22 भाषाओं का उल्लेख किया गया है, मूल रूप से 8वीं अनुसूची में 14 भाषा थी, 21 वें संविधान संशोधन 1967 ई. द्वारा सिंधी को, 71 वें संविधान संशोधन द्वारा 1992 ई. द्वारा कोकणी, मणिपुर तथा नेपाली को और 92 वें संविधान संशोधन 2003 ई. द्वारा मैथिली, संथाली, डोंगरी तथा बोडो को आठवीं सूची में शामिल किया गया है.

9. नोवी अनुसूचीसंविधान में यह अनुसूची प्रथम संविधान संशोधन अधिनियम, 1951 के द्वारा जोड़ी गई है, इसके अंतर्गत राज्य द्वारा संपत्ति के अधिग्रहण की विधियों का उल्लेख किया गया है वर्तमान में इस अनुसूची में 284 नियम है.

10. दसवीं अनुसूचीयह सविधान में 52 वें संशोधन 1985 ईस्वी द्वारा जोड़ी गई है इसमें दल बदल से संबंधित प्रावधानों का उल्लेख है.

11. ग्यारहवीं अनुसूची –  यह अनुसूची संविधान के 73वें संविधान संशोधन 1993 के द्वारा जोड़ी गई है, इस में पंचायती राज संस्थाओं को कार्य करने के लिए 29 विषय प्रदान किए गए हैं.

12. बारहवीं अनुसूची –  यह अनुसूची संविधान में 74 वें संविधान संशोधन 1993 के द्वारा दी गई है इसमें शहरी क्षेत्र की स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को कार्य करने के लिए 18 विषय प्रदान किए गए हैं.


यह भी पढ़ेंसंविधान के महत्वपूर्ण अनुच्छेदों की सूची

यह भी पढ़ें General Knowledge In English


दोस्तों, आज हमने आपको भारतीय संविधान के स्रोत (Bhartiya Samvidhan Ke Strot) और भारतीय संविधान की अनुसूची (Bhartiya Samvidhan Ki Anusuchi)के बारे मे बताया. आशा करता हूँ आपको यह Article बहुत पसंद आया होगा , तो दोस्तों मुझे अपनी राय कमेंट करके बताये ,ताकि मुझे और अच्छे-अच्छे आर्टिकल लिखने का सौभग्य प्राप्त हो, मुझे आपके कमेंट का इंतजार रहेगा .धन्यवाद् 

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