प्रदूषण किसे कहते है?, Pollution in Hindi
प्रदूषण किसे कहते है?, Pollution in Hindi

हेलो दोस्तों, हमारे इस ब्लॉक में आपका स्वागत है, आज हम बताएंगे कि प्रदूषण किसे कहते है? (Pollution in Hindi) यह कितने प्रकार के होते हैं, वायु प्रदूषण क्या है? (Air Pollution In Hindi) इनके कारण और वायु प्रदूषण के रोकथाम तथा सावधानियां भी जानेंगे

प्रदूषण (Pollution in Hindi)

 

प्रदूषण किसे कहते है?, Pollution in Hindi
प्रदूषण किसे कहते है?, Pollution in Hindi

 

प्रदूषण किसे कहते है?, Pollution in Hindi

वायु जल भूमि या मृदा के भौतिक रासायनिक और जैविक लक्षणों के होने वाले अवांछित लक्षण जो हानिकारक होते हैं ऐसे परिवर्तन को प्रदूषण पर्यावरण कहते है प्रदूषण आधुनिक युग के सबसे अधिक गंभीर समस्या का रूप धारण कर चुका है तथा विकसित और विकासशील देश समान रूप से चिंतित है अनेकों पर्यावरण रक्षा कानून भी बना दिए गए जब तक आम आदमी को पर्यावरण प्रदूषण एवं उसके संभावित खतरों का स्पष्ट ज्ञान नहीं कराया जाता है तब तक इस समस्या के समाधान की कल्पना करना भी ठीक नहीं होगा हमें जनसाधारण को यह समझना होगा कि पर्यावरण प्रदूषण आखिर है क्या।

प्रदूषण कितने प्रकार के होते हैं, (Pradushan ke prakar)

1 – वायु प्रदूषण

2 -जल प्रदूषण

3 – रेडियोएक्टिव प्रदूषण

4 – ध्वनि प्रदूषण एवं

5 – भूमि प्रदूषण

वायु प्रदूषण ( Air Pollution In Hindi)

वायु के भौतिक रासायनिक और जैविक लक्षणों मैं होने वाले अवांछित व हानि कारक परिवर्तन को वायु प्रदूषण रहते हैं। गैसों के इस अनुपात में थोड़ा परिवर्तन वायुमंडल की संपूर्ण व्यवस्था को प्रभावित करता है इसका सीधा प्रभाव जीव जगत पर पड़ता है वायुमंडल के विभिन्न घटकों के भौतिक रासायनिक तथा जैविक गुणों में होने वाले अवांछित परिवर्तन को जो मंडल को किसी न किसी रूप से दुष्प्रभावित करते हैं उसे वायुमंडल कहते हैं। सभी जीव स्वसन क्रिया में वायुमंडल में ऑक्सीजन ग्रहण करते हैं तथा कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) शरीर से बाहर निकालते हैं वायुमंडल में नाइट्रोजन (78%) ऑक्सीजन (21%) कार्बन डाइऑक्साइड (0.03%) आज गए थे एक निश्चित मात्रा वह अनुपात में होती है किसी कारणवश इन गैसों की मात्रा एवं अनुपात में परिवर्तन होना ही वायु प्रदूषण कहलाता है।

वायु प्रदूषण के कारण (Vayu Pradushan Ke Karan) –

वायु प्रदूषण के निम्न कारण है

कृषि रसायन –

कृषि में प्रयोग किए जाने वाले विभिन्न प्रकार के कीटनाशी तथा वायु प्रदूषण के मुख्य कारक है।

धातु प्रक्रम –

धातुओं के शोधन प्रक्रम से निकल ले हुए धूल तथा धुएं में अनेक तरह के धातुओं के कारण जैसे शीशा पारा निखिल जस्ता क्रोमियम आदि होते हैं यह धातु वायु प्रदूषण करते हैं।

प्रकृति द्वारा प्रदूषण –

1 – प्रकृति में परागकण से शैवालों तथा कवको के बीजापुर ज्वालामुखी पर्वतों की जैसे दलदल तथा सड़ती गलती वस्तुओं से निकलती गैस आदि वायु में मिलकर प्रदूषण करते हैं ।

2 – रसायनिक उर्वरकों और कीटनाशी पदार्थों के कारण

3 – ईंधन के अपूर्ण दहन से

4 – स्वचालित वाहनों के कारण

वायु प्रदूषण के कारक (Vayu Pradushan ke Karak)

CO , CO2 , NO , N2 के यौगिक, H2S , SO2 जैसे गैस धूल धुआं कणीय पदार्थ 2.5mm से कम व्यास के कण अधिक हानिकारक होते हैं।

वायु प्रदूषण के प्रभाव ( Vayu Pradushan ke Prabhav)

1 – पशुओं की वृद्धि रुक जाती है उत्पादन कम हो जाता है पत्तियां पीली पड़ जाती हैं पादपों की मृत्यु हो जाती है।

2 -ऐतिहासिक इमारतों पूलो रेल की पटरियों आदि का संरक्षण होता है।

3 -यह पशुओं के स्वासन तंत्र को प्रभावित करते हैं।

4 -नाइट्रोजन के ऑक्साइड व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक शक्ति कम करते हैं इनका तथा सल्फर डाइऑक्साइड का संबंध फेफड़ों के कैंसर से भी है ।

5 – वायु प्रदूषण से पौधों और जंतुओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है ।

6 – कैडमियम स्वसन विष का कार्य करता है।

 

वायु प्रदूषण के नियंत्रण के उपाय (Vayu Pradushan ke Niyantran ke Upay)

1 – ईंधन से चलने वाले वाहनों का प्रयोग कम से कम करना चाहिए ।

2 – कारखानों को शहर से दूर स्थापित किया जाना चाहिए

3 – अधिक से अधिक संख्या में वृक्ष लगाने चाहिए

4 -घरों में जलाए जाने वाले चूल्हो से धुआं बाहर निकलने की उचित व्यवस्था होनी चाहिए

 

 प्रदूषण की रोकथाम (Pradushan ke Roktham Ke Upay)

1 – कणीय पदार्थों को दूर करने के लिए स्थिर वैद्युत अवक्षेपित का प्रयोग करना चाहिए इससे लगभग 90 प्रतिशत अशुद्धियां दूर हो जाती है अशुद्धियां ।

2 – ये इलेक्ट्रॉन धूल कणों से चिपक जाते हैं तथा उन्हें आवेशित कर देते हैं इससे इनका कणीय पदार्थों का वेग कम होने लगता है।

3 – स्वचालित वाहन प्रदूषण की रोकथाम

4 – वाहनों की उचित देखभाल एवं रखरखाव करना

5 – पुराने वाहनों को समय पर चलने से बाहर करना

6 – वाहनों में सीएनजी का उपयोग

7 – मिलावट की संभावना नहीं

8 – प्रदूषण रहित

 

सावधानी ( Air Pollution caution)

1 -वाहन में शीशा रहित पेट्रोल डीजल का प्रयोग करना चाहिए क्योंकि शीशा उत्प्रेरक परिवर्तन को नष्ट कर देता है।

2 – वाहन चलाने के नियमों मार्गदर्शी सिद्धांतों एवं प्रदूषण के मांगों का कठोरता से पालन करना चाहिए।

3 – यूरो मानको को भारत स्टेज का उपयोग करना चाहिए .

 

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